एक दिन
सोनिया गांधी के सपने में
महात्मा गांधीजी आकर बोले,
"मैने मरते समय कॉंग्रेस को
सादगी, ईमानदारी, टोपी,
चश्मा और डंडा दिया था,
कहॉं है वो?"
सोनियाने अत्यंत विनम्रतासे कहा,
"टोपी तो राहुल...
लोगोंको पहना रहा है.
सादगी मेरे और प्रियंका के पास है.
चश्मा मनमोहन के पास है.
ईमानदारी स्विस और ईटली के बैंक में सेफ है
और डंडा आम आदमी की सेवा में
लगा रखा है
सोनिया गांधी के सपने में
महात्मा गांधीजी आकर बोले,
"मैने मरते समय कॉंग्रेस को
सादगी, ईमानदारी, टोपी,
चश्मा और डंडा दिया था,
कहॉं है वो?"
सोनियाने अत्यंत विनम्रतासे कहा,
"टोपी तो राहुल...
लोगोंको पहना रहा है.
सादगी मेरे और प्रियंका के पास है.
चश्मा मनमोहन के पास है.
ईमानदारी स्विस और ईटली के बैंक में सेफ है
और डंडा आम आदमी की सेवा में
लगा रखा है
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